ऑस्ट्रेलिया में काली खाँसी का सबसे बड़ा प्रकोप, मेडिकल बॉडी ने दी चेतावनी

ऑस्ट्रेलिया में काली खाँसी का सबसे बड़ा प्रकोप, मेडिकल बॉडी ने दी चेतावनी

ऑस्ट्रेलिया इन दिनों काली खाँसी (हूपिंग कफ) के गंभीर प्रकोप से गुजर रहा है। देश की शीर्ष चिकित्सा संस्था ऑस्ट्रेलियन मेडिकल एसोसिएशन (AMA) ने इसे “बेहद चिंताजनक” बताते हुए तत्काल सतर्कता और व्यापक टीकाकरण की अपील की है।

अब तक के मामले

सरकारी स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष 57,000 से अधिक काली खाँसी के मामले दर्ज किए गए, जो 1991 के बाद का सबसे बड़ा वार्षिक आंकड़ा है। इस साल भी अब तक लगभग 19,000 मामले रिपोर्ट हो चुके हैं। सबसे ज्यादा संक्रमण क्वींसलैंड, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के किम्बरली क्षेत्र और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में फैल रहा है।

गंभीर खतरा

काली खाँसी बोर्डेटेला पर्टूसिस नामक बैक्टीरिया से फैलती है। इसके लक्षणों में तेज और लगातार खाँसी के दौरे शामिल हैं, जो खासतौर पर नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।

AMA की अपील

AMA की अध्यक्ष डॉ. डेनियल मैकमुलन ने कहा—
“हम लापरवाह नहीं हो सकते। हर साल हजारों लोग श्वसन रोगों से अपनी जान गंवाते हैं। टीकाकरण ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।”

संघ ने गर्भवती महिलाओं, माता-पिता और देखभाल करने वालों से विशेष रूप से टीकाकरण कराने की अपील की है।

समाधान – टीकाकरण

डॉ. मैकमुलन के अनुसार देश में वर्तमान टीकाकरण दर लक्ष्य से कम है, जिससे प्रकोप और खतरनाक हो गया है।
उन्होंने कहा—
“टीका लगवाना न सिर्फ आपके परिवार, बल्कि पूरे समुदाय की रक्षा करता है। हमें यह याद रखना चाहिए कि टीकाकरण जीवन बचाता है।”