नई दिल्ली। देश में ऑनलाइन खरीदारी का दायरा तेजी से बढ़ने के साथ ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ उपभोक्ता शिकायतों की संख्या भी बड़ी बनी हुई है। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि वर्ष 2025 के दौरान नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर दर्ज शिकायतों में फ्लिपकार्ट सबसे ऊपर रहा, जबकि अमेजन और मीशो क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
लोकसभा में केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री बी.एल. वर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में फ्लिपकार्ट के खिलाफ करीब 1.33 लाख शिकायतें दर्ज हुईं। अमेजन को लेकर 91,248 और मीशो के खिलाफ 29,284 शिकायतें प्राप्त हुईं।
इसके अलावा मिंत्रा के खिलाफ 25,384, नेटमेड्स के खिलाफ 19,895, जेप्टो के खिलाफ 5,774 और ब्लिंकिट के खिलाफ 5,102 शिकायतें दर्ज की गईं। नापतोल के विरुद्ध 4,079, वीएलई बाजार के खिलाफ 3,907 और नायका को लेकर 3,405 शिकायतें सामने आईं।
सरकार के अनुसार, उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने नियमों के उल्लंघन के मामलों में 47 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई करते हुए लगभग 1.12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन ने 25 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 के बीच उपभोक्ताओं को 91 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वापस दिलाने में सहायता की। इसमें ई-कॉमर्स क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों में ही 63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शामिल रही।
सरकार का कहना है कि मुकदमेबाजी की प्रक्रिया में जाने से पहले ही धन वापसी से संबंधित 1.47 लाख से अधिक उपभोक्ता शिकायतों का समाधान किया गया।
वर्ष 2025 के दौरान त्वरित वाणिज्य और ऑनलाइन खरीदारी से जुड़ी शिकायतों में सामान की डिलीवरी न होना एक प्रमुख मुद्दा रहा। उत्पादों की गैर-डिलीवरी से संबंधित 79,818 मामले दर्ज किए गए।
सरकार ने यह भी बताया कि नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर वर्ष 2025 में त्वरित वाणिज्य से संबंधित लगभग 5.11 लाख शिकायतें प्राप्त हुईं और इन सभी शिकायतों का निपटारा किया गया।
ऑनलाइन खरीदारी पर बढ़ती निर्भरता के बीच शिकायतों का यह आंकड़ा ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए ग्राहक सेवा, रिफंड, समय पर डिलीवरी और शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता की ओर इशारा करता है।